कीचड़ से कीचड़ साफ़ नहीं हो सकता है.”
अच्छे के साथ अच्छा बनें बुरे के साथ बुरा नहीं
क्योंकि हीरे को हीरे से तराशा तो जा सकता है
जिंदगी में ये बात गांठ बांध लो अच्छे आदमी के लिए अच्छा और बुरे
आदमी के लिए बुरा बनाना जरुरी है इसीलिए कहते है की हीरे को हीरे से तराशा तो जा सकता है कीचड़ से
कीचड़ साफ़ नहीं हो सकता है
जस्साराम की कलम से
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