छंगारो |
इँ पापी पेट बेई
लिए हाथ मे जेई
एक मोढ़े निसरणी
एक मोढ़े कुल्हाड़ी टाँग गे..!!
पूगै मोट्यार
आथण घरे जद खेलड़ी छाँग गे..!!
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मनडै माइँ दुःख करयो धिराणी
हालत भरतार गी जाण गे...!!
टंटोळी देगची घी आळी, आटो छाण गे..!!
देगची पड़ी खाली
फेर मिर्च बणाई काचर आळी
ल्याई छावडी पाडोसन उं माँग गे...!!
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पुग्यो आथण जद जवान
खेलड़ी छाँग गे..!!
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नहीं राशन पुरो घर मैं
करयो प्रबन्ध जीमण गो पल भर मैं
जीमण फेर परोस दियो..!!
मिर्च रोटी और छावडी सयुं
कर धणी सन्तोष लियो...!!
थाळी पर बैठ्यो मेहनती मोट्यारआटो सगळो ओज लियो...!!थक्यो भरतार मांचे पर आडो होयो..!!फिरगी नींद
जियाँ भैंस गो पाडो होयो...!!
सो गई
धिराणी न्यातणो रोट्याँ गो झाड़ गे...!!
आयो जवान आथण
खेलड़ी छाँग गे...!!
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